Shiv puran kotirudra samhita chapter 41(शिव पुराण कोटिरुद्रसंहिता अध्याय 41 मुक्ति और भक्तिके स्वरूपका विवेचन)
(कोटिरुद्रसंहिता) Shiv puran kotirudra samhita chapter 41(शिव पुराण कोटिरुद्रसंहिता अध्याय 41 मुक्ति और भक्तिके स्वरूपका विवेचन) :-ऋषियोंने पूछा – सूतजी ! आपने बारंबार मुक्तिका नाम लिया है। यहाँ मुक्ति मिलनेपर क्या होता है? मुक्तिमें जीवकी कैसी अवस्था होती है? यह हमें बताइये। सूतजीने कहा- महर्षियो ! सुनो। मैं तुमसे संसारक्लेशका निवारण तथा परमानन्दका दान करनेवाली मुक्तिका … Read more