Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 34 to 36 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 34 से 36 सप्तर्षियोंके समझाने तथा मेरु आदिके कहनेसे पत्नीसहित हिमवान्‌का शिवके साथ अपनी पुत्रीके विवाहका निश्चय करना तथा सप्तर्षियोंका शिवके पास जा उन्हें सब बात बताकर अपने धामको जाना)

(रुद्रसंहिता, तृतीय (पार्वती) खण्ड) Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 34 to 36 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 34 से 36 सप्तर्षियोंके समझाने तथा मेरु आदिके कहनेसे पत्नीसहित हिमवान्‌का शिवके साथ अपनी पुत्रीके विवाहका निश्चय करना तथा सप्तर्षियोंका शिवके पास जा उन्हें सब बात बताकर अपने धामको जाना) (अध्याय 34 से 36) :-ब्रह्माजी … Read more

Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 32 or 33 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 32 और 33 मेनाका कोपभवनमें प्रवेश, भगवान् शिवका हिमवान्‌के पास सप्तर्षियोंको भेजना तथा हिमवान्द्वारा उनका सत्त्कार, सप्तर्षियों तथा अरुन्धतीका और महर्षि वसिष्ठका मेना और हिमवान्‌को समझाकर पार्वतीका विवाह भगवान् शिवके साथ करनेके लिये कहना)

(रुद्रसंहिता, तृतीय (पार्वती) खण्ड) Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 32 or 33 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 32 और 33 मेनाका कोपभवनमें प्रवेश, भगवान् शिवका हिमवान्‌के पास सप्तर्षियोंको भेजना तथा हिमवान्द्वारा उनका सत्त्कार, सप्तर्षियों तथा अरुन्धतीका और महर्षि वसिष्ठका मेना और हिमवान्‌को समझाकर पार्वतीका विवाह भगवान् शिवके साथ करनेके लिये कहना) (अध्याय … Read more

Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 31 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 31 देवताओंके अनुरोधसे वैष्णव ब्राह्मणके वेषमें शिवजीका हिमवान्‌के घर जाना और शिवकी निन्दा करके पार्वतीका विवाह उनके साथ न करनेको कहना)

(रुद्रसंहिता, तृतीय (पार्वती) खण्ड) Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 31 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 31 देवताओंके अनुरोधसे वैष्णव ब्राह्मणके वेषमें शिवजीका हिमवान्‌के घर जाना और शिवकी निन्दा करके पार्वतीका विवाह उनके साथ न करनेको कहना) (अध्याय 31) :-ब्रह्माजी कहते हैं-नारद ! मेना और हिमवान्‌की भगवान् शिवके प्रति उच्च- कोटिकी अनन्यभक्ति देख … Read more

Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 30 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 30 पार्वतीका पिताके घरमें सत्कार, महादेवजीकी नटलीलाका चमत्कार, उनका मेना आदिसे पार्वतीको माँगना और माता-पिताके इनकार करनेपर अन्तर्धान हो जाना)

(रुद्रसंहिता, तृतीय (पार्वती) खण्ड) Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 30 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 30 पार्वतीका पिताके घरमें सत्कार, महादेवजीकी नटलीलाका चमत्कार, उनका मेना आदिसे पार्वतीको माँगना और माता-पिताके इनकार करनेपर अन्तर्धान हो जाना) (अध्याय 30) :-ब्रह्माजी कहते हैं-नारद ! भगवान् शंकरके अपने स्थानको चले जानेपर सखियोंसहित पार्वती भी अपने रूपको … Read more

Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 29 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 29 शिव और पार्वतीकी बातचीत, शिवका पार्वतीके अनुरोधको स्वीकार करना)

रुद्रसंहिता, तृतीय (पार्वती) खण्ड) Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 29 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 29 शिव और पार्वतीकी बातचीत, शिवका पार्वतीके अनुरोधको स्वीकार करना) (अध्याय 29) :-ब्रह्माजी कहते हैं- नारद ! परमात्मा हरकी यह बात सुनकर और उनके आनन्द- दायी रूपका दर्शन पाकर पार्वतीको बड़ा हर्ष हुआ। उनका मुख प्रसन्नतासे खिल … Read more

Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 28 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 28 पार्वतीजीका परमेश्वर शिवकी महत्ताका प्रतिपादन करना, रोषपूर्वक जटिल ब्राह्मणको फटकारना, सखीद्वारा उन्हें फिर बोलनेसे रोकना तथा भगवान् शिवका उन्हें प्रत्यक्ष दर्शन दे अपने साथ चलनेके लिये कहना)

(रुद्रसंहिता, तृतीय (पार्वती) खण्ड) Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 28 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 28 पार्वतीजीका परमेश्वर शिवकी महत्ताका प्रतिपादन करना, रोषपूर्वक जटिल ब्राह्मणको फटकारना, सखीद्वारा उन्हें फिर बोलनेसे रोकना तथा भगवान् शिवका उन्हें प्रत्यक्ष दर्शन दे अपने साथ चलनेके लिये कहना) (अध्याय 28) :-पार्वती बोलीं- बाबाजी ! अबतक तो मैंने … Read more

Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 27 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 27 पार्वतीकी बात सुनकर जटाधारी ब्राह्मणका शिवकी निन्दा करते हुए पार्वतीको उनकी ओरसे मनको हटा लेनेका आदेश देना)

(रुद्रसंहिता, तृतीय (पार्वती) खण्ड) Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 27 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 27 पार्वतीकी बात सुनकर जटाधारी ब्राह्मणका शिवकी निन्दा करते हुए पार्वतीको उनकी ओरसे मनको हटा लेनेका आदेश देना) (अध्याय 27) :-पार्वती बोलीं- जटाधारी विप्रवर ! मेरा सारा वृत्तान्त सुनिये। मेरी सखीने जो कुछ कहा है, वह ज्यों-का-त्यों … Read more

Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 26 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 26 भगवान् शंकरका जटिल तपस्वी ब्राह्मणके रूपमें पार्वतीके आश्रमपर जाना, उनसे सत्कृत हो उनकी तपस्याका कारण पूछना तथा पार्वतीजीका अपनी सखी विजयासे सब कुछ कहलाना)

(रुद्रसंहिता, तृतीय (पार्वती) खण्ड) Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 26 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 26 भगवान् शंकरका जटिल तपस्वी ब्राह्मणके रूपमें पार्वतीके आश्रमपर जाना, उनसे सत्कृत हो उनकी तपस्याका कारण पूछना तथा पार्वतीजीका अपनी सखी विजयासे सब कुछ कहलाना) (अध्याय 26 ) :-ब्रह्माजी कहते हैं- नारद ! उन सप्तर्षियोंके अपने लोकमें … Read more

Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 25 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 25 भगवान् शिवकी आज्ञासे सप्तर्षियोंका पार्वतीके आश्रमपर जा उनके शिवविषयक अनुरागकी परीक्षा करना और भगवान्‌को सब वृत्तान्त बताकर स्वर्गको जाना)

(रुद्रसंहिता, तृतीय (पार्वती) खण्ड) Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 25 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 25 भगवान् शिवकी आज्ञासे सप्तर्षियोंका पार्वतीके आश्रमपर जा उनके शिवविषयक अनुरागकी परीक्षा करना और भगवान्‌को सब वृत्तान्त बताकर स्वर्गको जाना) (अध्याय 25) :-ब्रह्माजी कहते हैं-देवताओंके अपने आश्रममें चले जानेपर पार्वतीके तपकी परीक्षाके लिये भगवान् शंकर समाधिस्थ हो … Read more

Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 24 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 24 देवताओंका भगवान् शिवसे पार्वतीके साथ विवाह करनेका अनुरोध, भगवान्‌का विवाहके दोष बताकर अस्वीकार करना तथा उनके पुनः प्रार्थना करनेपर स्वीकार कर लेना)

(रुद्रसंहिता, तृतीय (पार्वती) खण्ड) Shiv puran rudra samhita Parwati khand chapter 24 (शिव पुराण रुद्रसंहिता पार्वती खंड अध्याय 24 देवताओंका भगवान् शिवसे पार्वतीके साथ विवाह करनेका अनुरोध, भगवान्‌का विवाहके दोष बताकर अस्वीकार करना तथा उनके पुनः प्रार्थना करनेपर स्वीकार कर लेना) (अध्याय 24) :-ब्रह्माजी कहते हैं-नारद ! देवताओंने वहाँ पहुँचकर भगवान् रुद्रको प्रणाम करके उनकी … Read more

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