Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 33 or 34 (शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 33 और 34 प्रमथगणोंसहित वीरभद्र और महाकालीका दक्षयज्ञ-विध्वंसके लिये प्रस्थान, दक्ष तथा देवताओंको अपशकुन एवं उत्पातसूचक लक्षणोंका दर्शन एवं भय होना)

(रुद्रसंहिता, द्वितीय (सती) खण्ड)) Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 33 or 34 (शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 33 और 34 प्रमथगणोंसहित वीरभद्र और महाकालीका दक्षयज्ञ-विध्वंसके लिये प्रस्थान, दक्ष तथा देवताओंको अपशकुन एवं उत्पातसूचक लक्षणोंका दर्शन एवं भय होना) (अध्याय 33) :-ब्रह्माजी कहते हैं-नारद ! महेश्वरके इस वचनको आदरपूर्वक सुनकर वीरभद्र बहुत संतुष्ट … Read more

Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 32(शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 32 गणोंके मुखसे और नारदसे भी सतीके दग्ध होनेकी बात सुनकर दक्षपर कुपित हुए शिवका अपनी जटासे वीरभद्र और महाकालीको प्रकट करके उन्हें यज्ञविध्वंस करने और विरोधियोंको जला डालनेकी आज्ञा देना)

(रुद्रसंहिता, द्वितीय (सती) खण्ड)) Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 32(शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 32 गणोंके मुखसे और नारदसे भी सतीके दग्ध होनेकी बात सुनकर दक्षपर कुपित हुए शिवका अपनी जटासे वीरभद्र और महाकालीको प्रकट करके उन्हें यज्ञविध्वंस करने और विरोधियोंको जला डालनेकी आज्ञा देना) (अध्याय 32) :-ब्रह्माजी कहते हैं- नारद ! … Read more

Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 31(शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 31आकाशवाणीद्वारा दक्षकी भर्त्सना, उनके विनाशकी सूचना तथा समस्त देवताओंको यज्ञमण्डपसे निकल जानेकी प्रेरणा)

(रुद्रसंहिता, द्वितीय (सती) खण्ड)) Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 31(शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 31आकाशवाणीद्वारा दक्षकी भर्त्सना, उनके विनाशकी सूचना तथा समस्त देवताओंको यज्ञमण्डपसे निकल जानेकी प्रेरणा) (अध्याय 31) :-ब्रह्माजी कहते हैं-मुनीश्वर ! इसी बीचमें वहाँ दक्ष तथा देवता आदिके सुनते हुए आकाशवाणीने यह यथार्थ बात कही – “रे-रे दुराचारी दक्ष ! … Read more

Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 30(शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 30 सतीका योगाग्निसे अपने शरीरको भस्म कर देना, दर्शकोंका हाहाकार, शिवपार्षदोंका प्राणत्याग तथा दक्षपर आक्रमण, ऋभुओंद्वारा उनका भगाया जाना तथा देवताओंकी चिन्ता)

(रुद्रसंहिता, द्वितीय (सती) खण्ड)) Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 30(शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 30 सतीका योगाग्निसे अपने शरीरको भस्म कर देना, दर्शकोंका हाहाकार, शिवपार्षदोंका प्राणत्याग तथा दक्षपर आक्रमण, ऋभुओंद्वारा उनका भगाया जाना तथा देवताओंकी चिन्ता) (अध्याय 30) :-ब्रह्माजी कहते हैं-नारद ! मौन हुई सतीदेवी अपने पतिका सादर स्मरण करके शान्तचित्त हो … Read more

Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 29(शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 29 यज्ञशालामें शिवका भाग न देखकर सतीके रोषपूर्ण वचन, दक्षद्वारा शिवकी निन्दा सुन दक्ष तथा देवताओंको धिक्कार-फटकारकर सतीद्वारा अपने प्राण त्यागका निश्चय)

(रुद्रसंहिता, द्वितीय (सती) खण्ड)) Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 29(शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 29 यज्ञशालामें शिवका भाग न देखकर सतीके रोषपूर्ण वचन, दक्षद्वारा शिवकी निन्दा सुन दक्ष तथा देवताओंको धिक्कार-फटकारकर सतीद्वारा अपने प्राण त्यागका निश्चय) (अध्याय 29) :-ब्रह्माजी कहते हैं- नारद ! दक्षकन्या सती उस स्थानपर गयीं, जहाँ वह महान् प्रकाशसे … Read more

Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 28(शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 28 दक्षयज्ञका समाचार पा सतीका शिवसे वहाँ चलनेके लिये अनुरोध, दक्षके शिवद्रोहको जानकर भगवान् शिवकी आज्ञासे देवी सतीका पिताके यज्ञमण्डपकी ओर शिवगणोंके साथ प्रस्थान)

(रुद्रसंहिता, द्वितीय (सती) खण्ड)) Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 28(शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 28 दक्षयज्ञका समाचार पा सतीका शिवसे वहाँ चलनेके लिये अनुरोध, दक्षके शिवद्रोहको जानकर भगवान् शिवकी आज्ञासे देवी सतीका पिताके यज्ञमण्डपकी ओर शिवगणोंके साथ प्रस्थान) (अध्याय 28 ) :-ब्रह्माजी कहते हैं- नारद ! जब देवर्षिगण बड़े उत्साह और हर्षके … Read more

Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 27(शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 27 दक्षके द्वारा महान् यज्ञका आयोजन, उसमें ब्रह्मा, विष्णु, देवताओं और ऋषियोंका आगमन, दक्षद्वारा सबका सत्कार, यज्ञका आरम्भ, दधीचिद्वारा भगवान् शिवको बुलानेका अनुरोध और दक्षके विरोध करनेपर शिव-भक्तोंका वहाँसे निकल जाना)

(रुद्रसंहिता, द्वितीय (सती) खण्ड)) Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 27(शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 27 दक्षके द्वारा महान् यज्ञका आयोजन, उसमें ब्रह्मा, विष्णु, देवताओं और ऋषियोंका आगमन, दक्षद्वारा सबका सत्कार, यज्ञका आरम्भ, दधीचिद्वारा भगवान् शिवको बुलानेका अनुरोध और दक्षके विरोध करनेपर शिव-भक्तोंका वहाँसे निकल जाना) (अध्याय 27) :-ब्रह्माजी कहते हैं- नारद ! … Read more

Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 26(शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 26 प्रयागमें समस्त महात्मा मुनियोंद्वारा किये गये यज्ञमें दक्षका भगवान् शिवको तिरस्कारपूर्वक शाप देना तथा नन्दीद्वारा ब्राह्मणकुलको शाप-प्रदान, भगवान् शिवका नन्दीको शान्त करना)

(रुद्रसंहिता, द्वितीय (सती) खण्ड)) Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 26(शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 26 प्रयागमें समस्त महात्मा मुनियोंद्वारा किये गये यज्ञमें दक्षका भगवान् शिवको तिरस्कारपूर्वक शाप देना तथा नन्दीद्वारा ब्राह्मणकुलको शाप-प्रदान, भगवान् शिवका नन्दीको शान्त करना) (अध्याय 26) :-ब्रह्माजी कहते हैं-नारद ! पूर्वकालमें समस्त महात्मा मुनि प्रयागमें एकत्र हुए थे। वहाँ सम्मिलित हुए … Read more

Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 25 (शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 25 श्रीशिवके द्वारा गोलोकधाममें श्रीविष्णुका गोपेशके पदपर अभिषेक तथा उनके प्रति प्रणामका प्रसंग सुनाकर श्रीरामका सतीके मनका संदेह दूर करना, सतीका शिवके द्वारा मानसिक त्याग)

(रुद्रसंहिता, द्वितीय (सती) खण्ड)) Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 25 (शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 25 श्रीशिवके द्वारा गोलोकधाममें श्रीविष्णुका गोपेशके पदपर अभिषेक तथा उनके प्रति प्रणामका प्रसंग सुनाकर श्रीरामका सतीके मनका संदेह दूर करना, सतीका शिवके द्वारा मानसिक त्याग) (अध्याय 25) :-श्रीराम बोले-देवि ! प्राचीनकालमें एक समय परम स्रष्टा भगवान् शम्भुने … Read more

Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 24 (शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 24 दण्डकारण्यमें शिवको श्रीरामके प्रति मस्तक झुकाते देख सतीका मोह तथा शिवकी आज्ञासे उनके द्वारा श्रीरामकी परीक्षा)

(रुद्रसंहिता, द्वितीय (सती) खण्ड)) Shiv puran rudra samhita sati khand chapter 24 (शिव पुराण रुद्रसंहिता सती खंड अध्याय 24 दण्डकारण्यमें शिवको श्रीरामके प्रति मस्तक झुकाते देख सतीका मोह तथा शिवकी आज्ञासे उनके द्वारा श्रीरामकी परीक्षा) (अध्याय 24) :-नारदजी बोले- ब्रह्मन् ! विधे ! प्रजानाथ ! महाप्राज्ञ ! दयानिधे ! आपने भगवान् शंकर तथा देवी सतीके … Read more

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