Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 31 to 35 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध  खंड अध्याय 31 से 35  देवताओंका रुद्रके पास जाकर अपना दुःख निवेदन करना, रुद्रद्वारा उन्हें आश्वासन और चित्ररथको शंखचूडके पास भेजना, चित्ररथके लौटनेपर रुद्रका गणों, पुत्रों और भद्रकालीसहित युद्धके लिये प्रस्थान, उधर शंखचूडका सेनासहित पुष्पभद्राके तटपर पड़ाव डालना तथा दानवराजके दूत और शिवकी बातचीत)

(रुद्रसंहिता, पंचम (युद्ध) खण्ड) Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 31 to 35 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध  खंड अध्याय 31 से 35  देवताओंका रुद्रके पास जाकर अपना दुःख निवेदन करना, रुद्रद्वारा उन्हें आश्वासन और चित्ररथको शंखचूडके पास भेजना, चित्ररथके लौटनेपर रुद्रका गणों, पुत्रों और भद्रकालीसहित युद्धके लिये प्रस्थान, उधर शंखचूडका सेनासहित पुष्पभद्राके तटपर पड़ाव … Read more

Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 29 to 30 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध  खंड अध्याय 29 से 30 शंखचूडका असुरराज्यपर अभिषेक और उसके द्वारा देवोंका अधिकार छीना जाना, देवोंका ब्रह्माकी शरणमें जाना, ब्रह्माका उन्हें साथ लेकर विष्णुके पास जाना, विष्णुद्वारा शंखचूडके जन्मका रहस्योद्घाटन और फिर सबका शिवके पास जाना और शिवसभामें उनकी झाँकी करना तथा अपना अभिप्राय प्रकट करना)

(रुद्रसंहिता, पंचम (युद्ध) खण्ड) Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 29 to 30 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध  खंड अध्याय 29 से 30 शंखचूडका असुरराज्यपर अभिषेक और उसके द्वारा देवोंका अधिकार छीना जाना, देवोंका ब्रह्माकी शरणमें जाना, ब्रह्माका उन्हें साथ लेकर विष्णुके पास जाना, विष्णुद्वारा शंखचूडके जन्मका रहस्योद्घाटन और फिर सबका शिवके पास जाना और … Read more

Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 13 to 29 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध  खंड अध्याय 13 से 29 दम्भकी तपस्या और विष्णुद्वारा उसे पुत्रप्राप्तिका वरदान, शंखचूडका जन्म, तप और उसे वरप्राप्ति, ब्रह्माजीकी आज्ञासे उसका पुष्करमें तुलसीके पास आना और उसके साथ वार्तालाप, ब्रह्माजीका पुनः वहाँ प्रकट होकर दोनोंको आशीर्वाद देना और शंखचूडका गान्धर्व विवाहकी विधिसे तुलसीका पाणिग्रहण करना)

(रुद्रसंहिता, पंचम (युद्ध) खण्ड) Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 13 to 29 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध  खंड अध्याय 13 से 29 दम्भकी तपस्या और विष्णुद्वारा उसे पुत्रप्राप्तिका वरदान, शंखचूडका जन्म, तप और उसे वरप्राप्ति, ब्रह्माजीकी आज्ञासे उसका पुष्करमें तुलसीके पास आना और उसके साथ वार्तालाप, ब्रह्माजीका पुनः वहाँ प्रकट होकर दोनोंको आशीर्वाद देना … Read more

Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 11 to 12 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध  खंड अध्याय 11 से 12 देवोंके स्तवनसे शिवजीका कोप शान्त होना और शिवजीका उन्हें वर देना, मय दानवका शिवजीके समीप आना और उनसे वर-याचना करना,)

(रुद्रसंहिता, पंचम (युद्ध) खण्ड) Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 11 to 12 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध  खंड अध्याय 11 से 12 देवोंके स्तवनसे शिवजीका कोप शान्त होना और शिवजीका उन्हें वर देना, मय दानवका शिवजीके समीप आना और उनसे वर-याचना करना,) (अध्याय 11 से 12 ) :-शिवजीसे वर पाकर मयका वितललोकमें जानाव्यासजीने पूछा- … Read more

Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 9 to 10 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध  खंड अध्याय 9 से 10 सर्वदेवमय रथका वर्णन, शिवजीका उस रथपर चढ़कर युद्धके लिये प्रस्थान, उनका पशुपति नाम पड़नेका कारण, शिवजीद्वारा गणेशका पूजन और त्रिपुर-दाह, मयदानवका त्रिपुरसे जीवित बच निकलना)

(रुद्रसंहिता, पंचम (युद्ध) खण्ड) Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 9 to 10 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध  खंड अध्याय 9 से 10 सर्वदेवमय रथका वर्णन, शिवजीका उस रथपर चढ़कर युद्धके लिये प्रस्थान, उनका पशुपति नाम पड़नेका कारण, शिवजीद्वारा गणेशका पूजन और त्रिपुर-दाह, मयदानवका त्रिपुरसे जीवित बच निकलना) (अध्याय 9 से 10 ) :-व्यासजीने कहा- … Read more

Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 6 to 8 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध  खंड अध्याय 6 से 8 देवोंका शिवजीके पास जाकर उनका स्तवन करना, शिवजीके त्रिपुरवधके लिये उद्यत न होनेपर ब्रह्मा और विष्णुका उन्हें समझाना, विष्णुके बतलाये हुए शिव-मन्त्रका देवोंद्वारा तथा विष्णुद्वारा जप, शिवजीकी प्रसन्नता और उनके लिये विश्वकर्माद्वारा सर्वदेवमय रथका निर्माण)

(रुद्रसंहिता, पंचम (युद्ध) खण्ड) Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 6 to 8 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध  खंड अध्याय 6 से 8 देवोंका शिवजीके पास जाकर उनका स्तवन करना, शिवजीके त्रिपुरवधके लिये उद्यत न होनेपर ब्रह्मा और विष्णुका उन्हें समझाना, विष्णुके बतलाये हुए शिव-मन्त्रका देवोंद्वारा तथा विष्णुद्वारा जप, शिवजीकी प्रसन्नता और उनके लिये विश्वकर्माद्वारा … Read more

Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 2 to 5 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध  खंड अध्याय 2 से 5 तारकपुत्रोंके प्रभावसे संतप्त हुए देवोंकी ब्रह्माके पास करुण पुकार, ब्रह्माका उन्हें शिवके पास भेजना, शिवकी आज्ञासे देवोंका विष्णुकी शरणमें जाना और विष्णुका उन दैत्योंको मोहित करके उन्हें आचारभ्रष्ट करना)

(रुद्रसंहिता, पंचम (युद्ध) खण्ड) Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 2 to 5 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध  खंड अध्याय 2 से 5 तारकपुत्रोंके प्रभावसे संतप्त हुए देवोंकी ब्रह्माके पास करुण पुकार, ब्रह्माका उन्हें शिवके पास भेजना, शिवकी आज्ञासे देवोंका विष्णुकी शरणमें जाना और विष्णुका उन दैत्योंको मोहित करके उन्हें आचारभ्रष्ट करना) (अध्याय 1 से … Read more

Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 1 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध खंड अध्याय 1 तारकपुत्र तारकाक्ष, विद्युन्माली और कमलाक्षकी तपस्या, ब्रह्माद्वारा उन्हें वर-प्रदान, मयद्वारा उनके लिये तीन पुरोंका निर्माण और उनकी सजावट-शोभाका वर्णन)

(रुद्रसंहिता, पंचम (युद्ध) खण्ड) Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 1 (शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध खंड अध्याय 1 तारकपुत्र तारकाक्ष, विद्युन्माली और कमलाक्षकी तपस्या, ब्रह्माद्वारा उन्हें वर-प्रदान, मयद्वारा उनके लिये तीन पुरोंका निर्माण और उनकी सजावट-शोभाका वर्णन) (अध्याय 1) :-नारदजीने कहा-पिताजी ! जो गणेश और स्वामिकार्तिककी उत्तम कथाओंसे ओतप्रोत तथा आनन्द प्रदान करनेवाला है, … Read more

Shiv puran rudra samhita kumar khand chapter 20 (शिव पुराण रुद्रसंहिता कुमार खंड अध्याय 20 स्वामिकार्तिक और गणेशकी बाल-लीला, दोनोंका परस्पर विवाहके विषयमें विवाद, शिवजीद्वारा पृथ्वी-परिक्रमाका आदेश, कार्तिकेयका प्रस्थान, गणेशका माता-पिताकी परिक्रमा करके उनसे पृथ्वी-परिक्रमा स्वीकृत कराना, विश्वरूपकी सिद्धि और बुद्धि नामक दोनों कन्याओंके साथ गणेशका विवाह और उनसे क्षेम तथा लाभ नामक दो पुत्रोंकी उत्पत्ति, कुमारका पृथ्वी-परिक्रमा करके लौटना और क्षुब्ध होकर क्रौंचपर्वतपर चला जाना, कुमारखण्डके श्रवणकी महिमा)

(रुद्रसंहिता, चतुर्थ (कुमार) खण्ड) Shiv puran rudra samhita kumar khand chapter 20 (शिव पुराण रुद्रसंहिता कुमार खंड अध्याय 20 स्वामिकार्तिक और गणेशकी बाल-लीला, दोनोंका परस्पर विवाहके विषयमें विवाद, शिवजीद्वारा पृथ्वी-परिक्रमाका आदेश, कार्तिकेयका प्रस्थान, गणेशका माता-पिताकी परिक्रमा करके उनसे पृथ्वी-परिक्रमा स्वीकृत कराना, विश्वरूपकी सिद्धि और बुद्धि नामक दोनों कन्याओंके साथ गणेशका विवाह और उनसे क्षेम तथा … Read more

Shiv puran rudra samhita kumar khand chapter 19 (शिव पुराण रुद्रसंहिता कुमार खंड अध्याय 19 पार्वतीद्वारा गणेशजीको वरदान, देवोंद्वारा उन्हें अग्रपूज्य माना जाना, शिवजीद्वारा गणेशको सर्वाध्यक्ष पद प्रदान और गणेशचतुर्थीव्रतका वर्णन, तत्पश्चात् सभी देवताओंका उनकी स्तुति करके हर्षपूर्वक अपने-अपने स्थानको लौट जाना)

(रुद्रसंहिता, चतुर्थ (कुमार) खण्ड) Shiv puran rudra samhita kumar khand chapter 19 (शिव पुराण रुद्रसंहिता कुमार खंड अध्याय 19 पार्वतीद्वारा गणेशजीको वरदान, देवोंद्वारा उन्हें अग्रपूज्य माना जाना, शिवजीद्वारा गणेशको सर्वाध्यक्ष पद प्रदान और गणेशचतुर्थीव्रतका वर्णन, तत्पश्चात् सभी देवताओंका उनकी स्तुति करके हर्षपूर्वक अपने-अपने स्थानको लौट जाना) (अध्याय 19) :-ब्रह्माजी कहते हैं-मुने ! जब विकृत स्वरूपवाले … Read more

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