Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 57(शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध खंड अध्याय 57 गजासुरकी तपस्या, वर-प्राप्ति और उसका अत्याचार, शिवद्वारा उसका वध, उसकी प्रार्थनासे शिवका उसका चर्म धारण करना और ‘कृत्तिवासा’ नामसे विख्यात होना तथा कृत्तिवासेश्वरलिंगकी स्थापना करना)
(रुद्रसंहिता, पंचम (युद्ध) खण्ड) Shiv puran rudra samhita yudh khand chapter 57(शिव पुराण रुद्रसंहिता युद्ध खंड अध्याय 57 गजासुरकी तपस्या, वर-प्राप्ति और उसका अत्याचार, शिवद्वारा उसका वध, उसकी प्रार्थनासे शिवका उसका चर्म धारण करना और ‘कृत्तिवासा’ नामसे विख्यात होना तथा कृत्तिवासेश्वरलिंगकी स्थापना करना) :-सनत्कुमारजी कहते हैं-व्यासजी ! अब परम प्रेमपूर्वक शशिमौलि शिवके उस चरित्रको श्रवण … Read more