अष्टावक्र गीता अध्याय 19 :-Ashtavakra geeta chapter 19.
अष्टावक्र गीता अध्याय 19 :-Ashtavakra geeta chapter 19. (अध्याय 19. ) जनक उवाच- तत्त्वविज्ञानसन्दंश- मादाय हृदयोदरात्। नानाविधपरामर्श- शल्योद्धारः कृतो मया॥१९- १॥ राजा जनक कहते हैं – तत्त्व-विज्ञान की चिमटी द्वारा विभिन्न प्रकार के सुझावों रूपी काँटों को मेरे द्वारा हृदय के आन्तरिक भागों से निकाला गया॥१॥ King Janak says – Using the hook of self-knowledge, … Read more