Devi bhagwat puran skandh 1 chapter 6 (देवी भागवत पुराण प्रथम स्कन्ध:षष्ठोऽध्यायःशेषशायी भगवान् विष्णुके कर्णमलसे मधु-कैटभकी उत्पत्ति तथा उन दोनोंका ब्रह्माजीसे युद्धके लिये तत्पर होना)

Devi bhagwat puran skandh 1 chapter 6 (देवी भागवत पुराण प्रथम स्कन्ध:षष्ठोऽध्यायःशेषशायी भगवान् विष्णुके कर्णमलसे मधु-कैटभकी उत्पत्ति तथा उन दोनोंका ब्रह्माजीसे युद्धके लिये तत्पर होना) अथ षष्ठोऽध्यायः शेषशायी भगवान् विष्णुके कर्णमलसे मधु-कैटभकी उत्पत्ति तथा उन दोनोंका ब्रह्माजीसे युद्धके लिये तत्पर होना ऋषिगण बोले- हे सौम्य ! आपने मधु और कैटभके साथ भगवान् विष्णुद्वारा महासिन्धुमें पाँच … Read more

Devi bhagwat puran skandh 1 chapter 5 (देवी भागवत पुराण प्रथम स्कन्ध:पञ्चमोऽध्यायः भगवती लक्ष्मीके शापसे विष्णुका मस्तक कट जाना, वेदोंद्वारा स्तुति करनेपर देवीका प्रसन्न होना, भगवान् विष्णुके हयग्रीवावतारकी कथा)

Devi bhagwat puran skandh 1 chapter 5 (देवी भागवत पुराण प्रथम स्कन्ध:पञ्चमोऽध्यायः भगवती लक्ष्मीके शापसे विष्णुका मस्तक कट जाना, वेदोंद्वारा स्तुति करनेपर देवीका प्रसन्न होना, भगवान् विष्णुके हयग्रीवावतारकी कथा) [अथ पञ्चमोऽध्यायः]   ऋषिगण बोले- हे सूतजी ! हमारा चित्त सन्देहरूपी सागरमें पूर्णतः डूबता जा रहा है; क्योंकि आपने महान् आश्चर्यजनक तथा संसारको विस्मित कर देनेवाली … Read more

Devi bhagwat puran skandh 1 chapter 4(देवी भागवत पुराण प्रथम स्कन्ध: चतुर्थोऽध्यायःनारदजीद्वारा व्यासजीको देवीकी महिमा बताना)

Devi bhagwat puran skandh 1 chapter 4(देवी भागवत पुराण प्रथम स्कन्ध:चतुर्थोऽध्यायःनारदजीद्वारा व्यासजीको देवीकी महिमा बताना) [अथ चतुर्थोऽध्यायः] :-नारदजीद्वारा व्यासजीको देवीकी महिमा बताना ऋषिगण बोले- हे सौम्य ! महर्षि व्यासकी किस पत्नीसे शुकदेवजी उत्पन्न हुए ? उनका जन्म किस प्रकार हुआ और किस प्रकारसे उन्होंने इस संहिताका सम्यक् अध्ययन कर लिया ? ॥ १॥ आपके द्वारा … Read more

Devi bhagwat puran skandh 1 chapter 2(देवी भागवत पुराण प्रथम स्कन्ध:द्वितीयोऽध्यायः -सूतजीद्वारा श्रीमद्देवीभागवतके स्कन्ध, अध्याय तथा श्लोकसंख्याका निरूपण और उसमें प्रतिपादित विषयोंका वर्णन)

Devi bhagwat puran skandh 1 chapter 2(देवी भागवत पुराण प्रथम स्कन्ध:द्वितीयोऽध्यायः -सूतजीद्वारा श्रीमद्देवीभागवतके स्कन्ध, अध्याय तथा श्लोकसंख्याका निरूपण और उसमें प्रतिपादित विषयोंका वर्णन) (अथ द्वितीयोऽध्यायः) सूतजी बोले- [हे मुनिजनो !] मैं धन्य और महान् भाग्यशाली हूँ, जो कि आप महात्माओंने वेदविश्रुत तथा अत्यन्त पुण्यप्रद श्रीमद्देवीभागवत महापुराणके सम्बन्धमें प्रश्न करके मुझे पवित्र बना दिया ॥ १ … Read more

Devi bhagwat puran skandh 1 chapter 3 purano ke name(देवी भागवत पुराण प्रथम स्कंध: तृतीयोऽध्यायःसूतजीद्वारा पुराणोंके नाम तथा उनकी श्लोकसंख्याका कथन, उपपुराणों तथा प्रत्येक द्वापरयुगके व्यासोंका नाम)

Devi bhagwat puran skandh 1 chapter 2 purano ke name(देवी भागवत पुराण प्रथम स्कंध: तृतीयोऽध्यायःसूतजीद्वारा पुराणोंके नाम तथा उनकी श्लोकसंख्याका कथन, उपपुराणों तथा प्रत्येक द्वापरयुगके व्यासोंका नाम) [अथ तृतीयोऽध्यायः] सूतजी बोले – हे मुनिवरो ! अब आपलोग एक अन्य इतिहास सुनिये, जिसमें इस देवीभागवतके माहात्म्यका वर्णन किया गया है ॥ १ ॥ एक बार कुम्भयोनि … Read more

Devi Bhagwat puran skandh 1 chapter 1(श्रीमद्देवीभागवतमहापुराण पूर्वार्ध प्रथमः स्कन्धःप्रथमोऽध्यायःमहर्षि शौनकका सूतजीसे श्रीमद्देवीभागवतपुराण सुनानेकी प्रार्थना करना)

।। श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ [ पूर्वार्ध ] [प्रथमः स्कन्धः] Devi Bhagwat puran skandh 1 chapter 1(श्रीमद्देवीभागवतमहापुराण  पूर्वार्ध प्रथमः स्कन्धः  प्रथमोऽध्यायःमहर्षि शौनकका सूतजीसे श्रीमद्देवीभागवतपुराण सुनानेकी प्रार्थना करना) :-जो सर्वचेतनास्वरूपा, आदिशक्ति तथा ब्रह्मविद्या- स्वरूपिणी भगवती जगदम्बा हैं, उनका हम ध्यान करते हैं। वे हमारी बुद्धिको प्रेरणा प्रदान करें ॥ … Read more

Devi Bhagwat puran mahima chapter 5(देवी भागवत पुराण महिमा पञ्चमोऽध्यायःश्रीमद्देवीभागवतपुराणकी श्रवण-विधि, श्रवणकर्ताके लिये पालनीय नियम, श्रवणके फल तथा माहात्म्यका वर्णन)

Devi Bhagwat puran mahima chapter 5(देवी भागवत पुराण महिमापञ्चमोऽध्यायः श्रीमद्देवीभागवतपुराणकी श्रवण-विधि, श्रवणकर्ताके लिये पालनीय नियम, श्रवणके फल तथा माहात्म्यका वर्णन) [अथ पञ्चमोऽध्यायः] श्रीमद्देवीभागवतपुराणकी श्रवण-विधि, श्रवणकर्ताके लिये पालनीय नियम, श्रवणके फल तथा माहात्म्यका वर्णन :-ऋषियोंने कहा- हे महाभाग सूतजी ! हमलोगोंने श्रीमद्देवीभागवतमाहात्म्य सुन लिया और अब इस पुराणके श्रवणकी विधि सुनना चाहते हैं ॥ १॥ सूतजी … Read more

Devi Bhagwat puran mahima chapter 4(देवी भागवत पुराण महिमा चतुर्थोऽध्यायः श्रीमद्देवीभागवतके माहात्म्यके प्रसंगमें रेवती नक्षत्रके पतन और पुनः स्थापनकी कथा तथा श्रीमद्देवीभागवतके श्रवणसे राजा दुर्दमको मन्वन्तराधिप-पुत्रकी प्राप्ति)

(Devi Bhagwat puran mahima chapter 4(देवी भागवत पुराण महिमाचतुर्थोऽध्यायःश्रीमद्देवीभागवतके माहात्म्यके प्रसंगमें रेवती नक्षत्रके पतन और पुनः स्थापनकी कथा तथा श्रीमद्देवीभागवतके श्रवणसे राजा दुर्दमको मन्वन्तराधिप-पुत्रकी प्राप्ति) [अथ चतुर्थोऽध्यायः]   सूतजी बोले- इस अलौकिक एवं विचित्र कथाको सुनकर पुनः सुननेकी इच्छावाले अगस्त्यजीने बड़ी विनम्रतापूर्वक भगवान् कार्तिकेयसे कहा- ॥ १ ॥   अगस्त्यजी बोले- हे देवसेनापते ! हे … Read more

Devi bhagwat mahima chapter 3(देवी भागवत पुराण माहात्म्य तृतीयोऽध्यायःश्रीमद्देवीभागवतके माहात्म्यके प्रसंगमें राजा सुद्युम्नकी कथा)

Devi bhagwat mahima chapter 3(देवी भागवत पुराण  माहात्म्यके प्रसंगमें राजा सुद्युम्नकी कथा) [अथ तृतीयोऽध्यायः] सूतजी बोले – हे मुनिवरो ! अब आपलोग एक अन्य इतिहास सुनिये, जिसमें इस देवीभागवतके माहात्म्यका वर्णन किया गया है ॥ १ ॥ एक बार कुम्भयोनि लोपामुद्रापति महर्षि अगस्त्यने कुमार कार्तिकेयके पास जाकर उनकी भलीभाँति पूजा करके उनसे विविध प्रकारकी बातें … Read more

Devi bhagwat puran mahima chapter 2(देवी भागवत पुराण महिमा द्वितीयोऽध्यायःश्रीमद्देवीभागवतके माहात्म्यके प्रसंगमें स्यमन्तकमणिकी कथा)

Devi bhagwat puran mahima chapter 2(देवी भागवत पुराण महिमा द्वितीयोऽध्यायःश्रीमद्देवीभागवतके माहात्म्यके प्रसंगमें स्यमन्तकमणिकी कथा)    -ऋषिगण बोले – महाभाग वसुदेवजीने अपने पुत्रको किस प्रकार प्राप्त किया और वनमें भ्रमण करते हुए श्रीकृष्णने प्रसेनको कैसे खोजा ?   हे सुमते ! हे सूतजी ! किस विधिसे और किससे वसुदेवजीने श्रीमद्देवीभागवतपुराणका श्रवण किया; आप हमलोगोंको यह कथा … Read more

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