Shiv puran vayu samhita purvkhand chapter 30 or 31 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 30 और 31 ऋषियोंके प्रश्नका उत्तर देते हुए वायुदेवके द्वारा शिवके स्वतन्त्र एवं सर्वानुग्राहक स्वरूपका प्रतिपादन)
(वायवीयसंहिता(पूर्वखण्ड)) Shiv puran vayu samhita purvkhand chapter 30 or 31 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 30 और 31 ऋषियोंके प्रश्नका उत्तर देते हुए वायुदेवके द्वारा शिवके स्वतन्त्र एवं सर्वानुग्राहक स्वरूपका प्रतिपादन) : -तदनन्तर ऋषियोंने कई कारण दिखाकर पूछा-वायुदेव ! यदि शिव सदा शान्तभावसे रहकर ही सबपर अनुग्रह करते हैं तो सबकी अभिलाषाओंको एक साथ ही … Read more