Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 30 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 30 आवरणपूजाकी विस्तृत विधि तथा उक्त विधिसे पूजनकी महिमाका वर्णन)

[वायवीयसंहिता (उत्तरखण्ड)] Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 30 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 30 आवरणपूजाकी विस्तृत विधि तथा उक्त विधिसे पूजनकी महिमाका वर्णन) :-उपमन्यु कहते हैं-यदुनन्दन ! पहले शिवा और शिवके दायें और बायें भागमें क्रमशः गणेश और कार्तिकेयका गन्ध आदि पाँच उपचारोंद्वारा पूजन करे। फिर इन सबके चारों ओर ईशानसे लेकर सद्योजातपर्यन्त … Read more

Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 28 or 29 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 28 or 29 काम्य कर्मके प्रसंगमें शक्तिसहित पंचमुख महादेवकी पूजाके विधानका वर्णन)

[वायवीयसंहिता (उत्तरखण्ड)] Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 28 or 29 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 28 or 29 काम्य कर्मके प्रसंगमें शक्तिसहित पंचमुख महादेवकी पूजाके विधानका वर्णन) :-तदनन्तर शिवाश्रमसेवियोंके लिये नैमित्तिक कर्मकी विधि बताकर उपमन्युजीने कहा- यदुनन्दन ! अब मैं काम्य कर्मका वर्णन करूँगा, जो इहलोक और परलोकमें भी फल देनेवाला है। शैवों … Read more

Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 27 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 27 पंचाक्षर-मन्त्रके जप तथा भगवान् शिवके भजन-पूजनकी महिमा, अग्निकार्यके लिये कुण्ड और वेदी आदिके संस्कार, शिवाग्निकी स्थापना और उसके संस्कार, होम, पूर्णाहुति, भस्मके संग्रह एवं रक्षणकी विधि तथा हवनान्तमें किये जानेवाले कृत्यका वर्णन)

[वायवीयसंहिता (उत्तरखण्ड)] Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 27 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 27 पंचाक्षर-मन्त्रके जप तथा भगवान् शिवके भजन-पूजनकी महिमा, अग्निकार्यके लिये कुण्ड और वेदी आदिके संस्कार, शिवाग्निकी स्थापना और उसके संस्कार, होम, पूर्णाहुति, भस्मके संग्रह एवं रक्षणकी विधि तथा हवनान्तमें किये जानेवाले कृत्यका वर्णन) :-उपमन्यु कहते हैं-यदुनन्दन ! कोई बड़ा भारी पाप … Read more

Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 25 or 26 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 25 और 26 शिवपूजाकी विशेष विधि तथा शिव-भक्तिकी महिमा)

[वायवीयसंहिता (उत्तरखण्ड)] Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 25 or 26 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 25 or 26 शिवपूजाकी विशेष विधि तथा शिव-भक्तिकी महिमा)   :-उपमन्यु कहते हैं- यदुनन्दन ! दीपदानके बाद और नैवेद्य-निवेदनसे पहले आवरण-पूजा करनी चाहिये अथवा आरतीका समय आनेपर आवरणपूजा करे। वहाँ शिव या शिवाके प्रथम आवरणमें ईशानसे लेकर ‘सद्योजातपर्यन्त’ … Read more

Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 24 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 24 शिवपूजनकी विधि)

[वायवीयसंहिता (उत्तरखण्ड)] Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 24 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 24 शिवपूजनकी विधि) :-उपमन्यु कहते हैं- यदुनन्दन ! विशुद्धिके लिये मूलमन्त्रसे गन्ध, चन्दनमिश्रित जलके द्वारा पूजास्थानका प्रोक्षण करना चाहिये। इसके बाद वहाँ फूल बिखेरे। अस्त्र-मन्त्र (फट्) का उच्चारण करके विघ्नोंको भगाये। फिर कवच-मन्त्र (हुम्) – से पूजास्थानको सब ओरसे अवगुण्ठित … Read more

Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 21 to 23 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 21 to 23 अन्तर्याग अथवा मानसिक पूजाविधिका वर्णन)

[वायवीयसंहिता (उत्तरखण्ड)] Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 21 to 23 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 21 to 23 अन्तर्याग अथवा मानसिक पूजाविधिका वर्णन) :-तदनन्तर श्रीकृष्णके पूछनेपर नित्य- नैमित्तिक कर्म तथा न्यासका वर्णन करनेके पश्चात् उपमन्यु बोले- अब मैं पूजाके विधानका संक्षेपसे वर्णन करता हूँ। इसे शिवशास्त्रमें शिवने शिवाके प्रति कहा है। मनुष्य अग्निहोत्रपर्यन्त … Read more

Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 20 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 20 योग्य शिष्यके आचार्यपदपर अभिषेकका वर्णन तथा संस्कारके विविध प्रकारोंका निर्देश)

[वायवीयसंहिता (उत्तरखण्ड)] Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 20 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 20 योग्य शिष्यके आचार्यपदपर अभिषेकका वर्णन तथा संस्कारके विविध प्रकारोंका निर्देश) :-उपमन्यु कहते हैं-यदुनन्दन ! जिसका इस प्रकार संस्कार किया गया हो और जिसने पाशुपत व्रतका अनुष्ठान पूरा कर लिया हो, वह शिष्य यदि योग्य हो तो गुरु उसका आचार्यपदपर … Read more

Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 19 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 19 साधक-संस्कार और मन्त्र-माहात्म्यका वर्णन)

[वायवीयसंहिता (उत्तरखण्ड)] Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 19 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 19 साधक-संस्कार और मन्त्र-माहात्म्यका वर्णन) : -उपमन्यु कहते हैं-यदुनन्दन ! अब मैं साधक-संस्कार और मन्त्र-माहात्म्यका वर्णन करूँगा। इस बातकी सूचना मैं पहले दे चुका हूँ। पूर्ववत् मण्डलमें कलशपर स्थापित महादेवजीकी पूजा करनेके पश्चात् हवन करे। फिर नंगे सिर शिष्यको उस … Read more

Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 18 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 18 षड्ध्वशोधन की विधि)

[वायवीयसंहिता (उत्तरखण्ड)] Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 18 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 18 षड्ध्वशोधन की विधि) उपमन्यु कहते हैं- यदुनन्दन ! तदनन्तर गुरुकी आज्ञा ले शिष्य स्नान आदि सम्पूर्ण कर्मको समाप्त करके शिवका चिन्तन करता हुआ हाथ जोड़ शिवमण्डलके समीप जाय। इसके बाद पूजाके सिवा पहले दिनका शेष सारा कृत्य नेत्रबन्धन- पर्यन्त … Read more

Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 17 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 17 षड्ध्वशोधन की विधि)

[वायवीयसंहिता (उत्तरखण्ड)] Shiv puran vayu samhita uttar khand chapter 17 (शिव पुराण वायु संहिता अध्याय 17 षड्ध्वशोधन की विधि) :-उपमन्यु कहते हैं-यदुनन्दन ! इसके बाद गुरु शिष्यकी योग्यताको देखकर उसके सम्पूर्ण बन्धनोंकी निवृत्तिके लिये षडध्वशोधन करे। कला, तत्त्व, भुवन, वर्ण, पद और मन्त्र – ये ही संक्षेपसे छः अध्वा कहे गये हैं। निवृत्ति * आदि … Read more

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