Sri ramcharitmanas chaturth sopan kishkindha kand chapter 8 to 12 (श्रीरामचरितमानस तृतीय सोपान किष्किंधा कांड   अध्याय 8 से  12 : 8. शरद ऋतु वर्णन 9. श्री राम की सुग्रीव पर नाराजी, लक्ष्मणजी का कोप 10. सुग्रीव-राम संवाद और सीताजी की खोज के लिए बंदरों का प्रस्थान 11. गुफा में तपस्विनी के दर्शन, वानरों का समुद्र तट पर आना, सम्पाती से भेंट और बातचीत 12. समुद्र लाँघने का परामर्श, जाम्बवन्त का हनुमान्जी को बल याद दिलाकर उत्साहित करना, श्री राम-गुण का माहात्म्य)

॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ (श्रीजानकीवल्लभो विजयते) (श्रीरामचरितमानस) (चतुर्थ सोपान) (किष्किंधा कांड) Sri ramcharitmanas chaturth sopan kishkindha kand chapter 8 to 12 (श्रीरामचरितमानस तृतीय सोपान किष्किंधा कांड   अध्याय 8 से  12 : 8. शरद ऋतु वर्णन 9. श्री राम की सुग्रीव पर नाराजी, लक्ष्मणजी का कोप 10. सुग्रीव-राम संवाद और सीताजी की खोज के लिए बंदरों … Read more

Sri ramcharitmanas chaturth sopan kishkindha kand chapter 1 to 7 (श्रीरामचरितमानस तृतीय सोपान किष्किंधा कांड   अध्याय 1 से  7 :1. किष्किन्धाकाण्ड मंगलाचरण 2. श्री रामजी से हनुमानजी का मिलना और श्री राम- सुग्रीव की मित्रता 3. सुग्रीव का दुःख सुनाना, बालि वध की प्रतिज्ञा, श्री रामजी का मित्र लक्षण वर्णन 4. सुग्रीव का वैराग्य 5. बालि-सुग्रीव युद्ध, बालि उद्धार, तारा का विलाप 6. तारा को श्री रामजी द्वारा उपदेश और सुग्रीव का राज्याभिषेक तथा अंगद को युवराज पद 7. वर्षा ऋतु वर्णन)

॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ (श्रीजानकीवल्लभो विजयते) (श्रीरामचरितमानस) (चतुर्थ सोपान) (किष्किंधा कांड) Sri ramcharitmanas chaturth sopan kishkindha kand chapter 1 to 7 (श्रीरामचरितमानस तृतीय सोपान किष्किंधा कांड   अध्याय 1 से  7 : 1. किष्किन्धाकाण्ड मंगलाचरण 2. श्री रामजी से हनुमानजी का मिलना और श्री राम- सुग्रीव की मित्रता 3. सुग्रीव का दुःख सुनाना, बालि वध की … Read more

Sri ramcharitmanas tritiye sopan aranya kand chapter 10 to 16 (श्रीरामचरितमानस तृतीय सोपान अरण्य कांड  अध्याय 10 से 16 : 10. मारीच प्रसंग और स्वर्णमृग रूप में मारीच का मारा जाना, सीताजी द्वारा लक्ष्मण को भेजना 11. श्री सीताहरण और श्री सीता विलाप 12. जटायु-रावण युद्ध, अशोक वाटिका में सीताजी को रखना 13. श्री रामजी का विलाप, जटायु का प्रसंग, कबन्ध उद्धार 14. शबरी पर कृपा, नवधा भक्ति उपदेश और पम्पासर की ओर प्रस्थान 15. नारद-राम संवाद 16. संतों के लक्षण और सत्संग भजन के लिए प्रेरणा)

॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ (श्रीजानकीवल्लभो विजयते) (श्रीरामचरितमानस) (तृतीय सोपान) (अरण्य कांड) Sri ramcharitmanas tritiye sopan aranya kand chapter 10 to 16 (श्रीरामचरितमानस तृतीय सोपान अरण्य कांड  अध्याय 10 से 16 : 10. मारीच प्रसंग और स्वर्णमृग रूप में मारीच का मारा जाना, सीताजी द्वारा लक्ष्मण को भेजना 11. श्री सीताहरण और श्री सीता विलाप 12. … Read more

Sri ramcharitmanas tritiye sopan aranya kand chapter 1 to 9 (श्रीरामचरितमानस तृतीय सोपान अरण्य कांड  अध्याय 1 से 9 :1. अरण्यकाण्ड मंगलाचरण 2. जयंत की कुटिलता और फल प्राप्ति 3. अत्रि मिलन एवं स्तुति 4. श्री सीता-अनसूया मिलन और श्री सीताजी को अनसूयाजी का पतिव्रत धर्म कहना 5. श्री रामजी का आगे प्रस्थान, विराध वध और शरभंग प्रसंग 6. राक्षस वध की प्रतिज्ञा करना, सुतीक्ष्णजी का प्रेम, अगस्त्य मिलन, अगस्त्य संवाद 7. राम का दंडकवन प्रवेश, जटायु मिलन, पंचवटी निवास और श्री राम-लक्ष्मण संवाद 8. शूर्पणखा की कथा, शूर्पणखा का खरदूषण के पास जाना और खरदूषणादि का वध 9. शूर्पणखा का रावण के निकट जाना, श्री सीताजी का अग्नि प्रवेश और माया सीता)

॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ (श्रीजानकीवल्लभो विजयते) (श्रीरामचरितमानस) (तृतीय सोपान) (अरण्य कांड) Sri ramcharitmanas tritiye sopan aranya kand chapter 1 to 9 (श्रीरामचरितमानस तृतीय सोपान अरण्य कांड  अध्याय 1 से 9 : 1. अरण्यकाण्ड मंगलाचरण 2. जयंत की कुटिलता और फल प्राप्ति 3. अत्रि मिलन एवं स्तुति 4. श्री सीता-अनसूया मिलन और श्री सीताजी को अनसूयाजी … Read more

Sri ramcharitmanas dvitiye sopan ayodhya kand chapter 43 to 48 (श्रीरामचरितमानस द्वितीय सोपान अयोध्या कांड  अध्याय 43 से 48 : -43.कौसल्या सुनयना-संवाद, श्री सीताजी का शील 44. जनक-सुनयना संवाद, भरतजी की महिमा 45. जनक-वशिष्ठादि संवाद, इंद्र की चिंता, सरस्वती का इंद्र को समझाना 46. श्री राम-भरत संवाद 47. भरतजी का तीर्थ जल स्थापन तथा चित्रकूट भ्रमण 48.भरतजी का अयोध्या लौटना, भरतजी द्वारा पादुका की स्थापना, नन्दिग्राम में निवास और श्री भरतजी के चरित्र श्रवण की महिमा)

॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ (श्रीजानकीवल्लभो विजयते) (श्रीरामचरितमानस) (द्वितीय सोपान) (अयोध्या कांड) Sri ramcharitmanas dvitiye sopan ayodhya kand chapter 43 to 48 (श्रीरामचरितमानस द्वितीय सोपान अयोध्या कांड  अध्याय 43 से 48 : –43.कौसल्या सुनयना-संवाद, श्री सीताजी का शील 44. जनक-सुनयना संवाद, भरतजी की महिमा 45. जनक-वशिष्ठादि संवाद, इंद्र की चिंता, सरस्वती का इंद्र को समझाना 46. श्री … Read more

Sri ramcharitmanas dvitiye sopan ayodhya kand chapter 39 to 42 (श्रीरामचरितमानस द्वितीय सोपान अयोध्या कांड  अध्याय 39 से 42 :-39. वनवासियों द्वारा भरतजी की मंडली का सत्कार, कैकेयी का पश्चाताप 40. श्री वशिष्ठजी का भाषण 41. श्री राम-भरतादि का संवाद 42. जनकजी का पहुँचना, कोल किरातादि की भेंट, सबका परस्पर मिलाप)

 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ (श्रीजानकीवल्लभो विजयते) (श्रीरामचरितमानस) (द्वितीय सोपान) (अयोध्या कांड) Sri ramcharitmanas dvitiye sopan ayodhya kand chapter 39 to 42 (श्रीरामचरितमानस द्वितीय सोपान अयोध्या कांड  अध्याय 39 से 42 :-39. वनवासियों द्वारा भरतजी की मंडली का सत्कार, कैकेयी का पश्चाताप 40. श्री वशिष्ठजी का भाषण 41. श्री राम-भरतादि का संवाद 42. जनकजी का पहुँचना, … Read more

Sri ramcharitmanas dvitiye sopan ayodhya kand chapter 32 to 38 (श्रीरामचरितमानस द्वितीय सोपान अयोध्या कांड  अध्याय 32 से 38 : -32. भरतजी का प्रयाग जाना और भरत-भरद्वाज संवाद 33. भरद्वाज द्वारा भरत का सत्कार 34. इंद्र-बृहस्पति संवाद 35. भरतजी चित्रकूट के मार्ग में 36. श्री सीताजी का स्वप्न, श्री रामजी को कोल-किरातों द्वारा भरतजी के आगमन की सूचना, रामजी का शोक, लक्ष्मणजी का क्रोध 37. श्री रामजी का लक्ष्मणजी को समझाना एवं भरतजी की महिमा कहना 38. भरतजी का मन्दाकिनी स्नान, चित्रकूट में पहुँचना, भरतादि सबका परस्पर मिलाप, पिता का शोक और श्राद्ध)

॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ (श्रीजानकीवल्लभो विजयते) (श्रीरामचरितमानस) (द्वितीय सोपान) (अयोध्या कांड) Sri ramcharitmanas dvitiye sopan ayodhya kand chapter 32 to 38 (श्रीरामचरितमानस द्वितीय सोपान अयोध्या कांड  अध्याय 32 से 38 : – 32. भरतजी का प्रयाग जाना और भरत-भरद्वाज संवाद 33. भरद्वाज द्वारा भरत का सत्कार 34. इंद्र-बृहस्पति संवाद 35. भरतजी चित्रकूट के मार्ग में … Read more

Sri ramcharitmanas dvitiye sopan ayodhya kand chapter 27 to 31 (श्रीरामचरितमानस द्वितीय सोपान अयोध्या कांड  अध्याय 27 से 31 :-27. भरत-कौसल्या संवाद और दशरथजी की अन्त्येष्टि क्रिया 28. वशिष्ठ-भरत संवाद, श्री रामजी को लाने के लिए चित्रकूट जाने की तैयारी 29. अयोध्यावासियों सहित श्री भरत-शत्रुघ्न आदि का वनगमन 30. निषाद की शंका और सावधानी 31. भरत-निषाद मिलन और संवाद और भरतजी का तथा नगरवासियों का प्रेम)

॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ (श्रीजानकीवल्लभो विजयते) (श्रीरामचरितमानस) (द्वितीय सोपान) (अयोध्या कांड) Sri ramcharitmanas dvitiye sopan ayodhya kand chapter 27 to 31 (श्रीरामचरितमानस द्वितीय सोपान अयोध्या कांड  अध्याय 27 से 31 :- 27. भरत-कौसल्या संवाद और दशरथजी की अन्त्येष्टि क्रिया 28. वशिष्ठ-भरत संवाद, श्री रामजी को लाने के लिए चित्रकूट जाने की तैयारी 29. अयोध्यावासियों सहित श्री … Read more

Sri ramcharitmanas dvitiye sopan ayodhya kand chapter 21 to 26 (श्रीरामचरितमानस द्वितीय सोपान अयोध्या कांड  अध्याय 21 से 26 :-21 श्री राम-वाल्मीकि संवाद 22. चित्रकूट में निवास, कोल-भीलों के द्वारा सेवा 23. सुमन्त्र का अयोध्या को लौटना और सर्वत्र शोक देखना 24. दशरथ-सुमन्त्र संवाद, दशरथ मरण 25. मुनि वशिष्ठ का भरतजी को बुलाने के लिए दूत भेजना 26. श्री भरत-शत्रुघ्न का आगमन और शोक)

॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ (श्रीजानकीवल्लभो विजयते) (श्रीरामचरितमानस) (द्वितीय सोपान) (अयोध्या कांड) Sri ramcharitmanas dvitiye sopan ayodhya kand chapter 21 to 26 (श्रीरामचरितमानस द्वितीय सोपान अयोध्या कांड  अध्याय 21 से 26 :- 21 श्री राम-वाल्मीकि संवाद 22. चित्रकूट में निवास, कोल-भीलों के द्वारा सेवा 23. सुमन्त्र का अयोध्या को लौटना और सर्वत्र शोक देखना 24. दशरथ-सुमन्त्र … Read more

Sri ramcharitmanas dvitiye sopan ayodhya kand chapter 15 to 20 (  श्रीरामचरितमानस द्वितीय सोपान अयोध्या कांड  अध्याय 15 से 20:-15. श्री राम का श्रृंगवेरपुर पहुँचना, निषाद के द्वारा सेवा 16. लक्ष्मण-निषाद संवाद, श्री राम-सीता से सुमन्त्र का संवाद, सुमंत्र का लौटना 17. केवट का प्रेम और गंगा पार जाना 18. प्रयाग पहुँचना, भरद्वाज संवाद, यमुनातीर निवासियों का प्रेम 19. तापस प्रकरण 20. यमुना को प्रणाम, वनवासियों का प्रेम)

॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ (श्रीजानकीवल्लभो विजयते) (श्रीरामचरितमानस) (द्वितीय सोपान) (अयोध्या कांड) Sri ramcharitmanas dvitiye sopan ayodhya kand chapter 15 to 20 (  श्रीरामचरितमानस द्वितीय सोपान अयोध्या कांड  अध्याय 15 से 20:- 15. श्री राम का श्रृंगवेरपुर पहुँचना, निषाद के द्वारा सेवा 16. लक्ष्मण-निषाद संवाद, श्री राम-सीता से सुमन्त्र का संवाद, सुमंत्र का लौटना 17. केवट … Read more

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